फ़ासले

वक्त बदलता जाता है ,
फ़ासले बदलते जाते है . 
कभी होते है मीलों दूर ,
कभी साँसों में बस जाते है ,
कभी चलते है साथ साथ
कभी भरोसे नहीं बन पाते है .
कभी वादे  साथ चलने के ,
कभी  दूरियों के बहाने ढूंढें जाते है .
कभी खो जाते है बाँहों में ,
कभी पास भी नहीं आते है .
वक़्त खेलता है साथ हमारे
या वो हमें आजमाते है .

कोई तो रोक ले ..

एक बार फिर से
मैं उसी जगह पे खड़ा हूँ,
कोई जा रहा है ..
मुझे छोड़ कर
चाहता हूँ मैं,
उसके साथ रहना
चाहता हूँ मैं
उसे दिल भर के देखना
मैं कर नही पा रहा
कुछ भी
सिर्फ़ देख रहा हूँ
उसको जाते हुए
मैं बँधा हुआ हूँ,
अपने ही वादों मे.
झूठ बोल नही सकता,
सच सह नही सकता.
क्यों  जा रहे हो
मत जाओ ना.
मैं नही रोक सकता
कोई और तो रोक ले
हवाओं तुम रोक लो
पानी तुम रोक लो
धरती तुम रोक लो
आसमान तुम रोक लो
तारे तुम रोक लो
चाँद तुम रोक लो
कोई तो रोक ले ..
भगवान तो मेरी सुनता नही है,
जो माँगो वो छीनता ज़रूर है.
भगवान तुम्हारी सुनता है,
तुम ही बोलो ना ..
पर कोई तो रोक ले …
कोई तो रोक ले .