सुनते आ रहे है
चार दिन की होती है चाँदनी,
उसके बाद फिर से
अंधेरा होता है.
चाँदनी एक अहसास है
चाँद के साथ होने का,
जो चार दिन का नही
युगों युगों का होता है.
इसी चाँदनी के साथ
अमृत भी बरसता है,
जो ज़िंदगी को ही
चाँदनी से भर देता है.
सोचो मत ज़्यादा अब
अँधियारे के बारे मे,
फैला कर अपनी बाँहें
भर लो अमृत प्याले में.
यही अमृत हमेशा साथ रहेगा
अंधेरों को भी उज्ज्वल रोशन कर देगा.
दूर नही जाने देगा चाँद को
अँधियारे को ही चार दिन मे जला देगा.