मुखौटे
हर चेहरे पे मुखौटे है
हर मुखौटे की अपनी पहचान है
कोई रावण का चेहरा है
तो किसी मे छुपे भगवान है
मेरे भी चेहरे पर
कई मुखौटे लगे हुए है
फिर भी छुप नही पाया
मेरा असली चेहरा कहीं
मेरा चेहरा
अब नज़रों को धोखा बन गया है
देखने वालो को
अपनी भावनाओं का ही अक्स नज़र आता है
मैं खुद भी
तलाश रहा था अपना चेहरा
आईने में भी मुझे
सिर्फ़ मुखौटे ही नज़र आते थे
फिर किसी दिन
कोई देखता है मुझे
अपने सुंदर
दिल की नज़र से
और ढूँढ ही लेता है
मेरे असली चेहरे को
और दिखाता है मुझे
मेरा वही चेहरा
सतरंगी मुखौटों मे दबा हुआ
मेरा चेहरा अभी भी रंगा नही है
उतना सुंदर तो नही
पर फिर भी बुरा नही है
अब मैं भी
उतारता जा रहा हूँ
उन मुखौटों को
और ले रहा हूँ खुल के साँस
किसी ने मुझे
खुद को जीना सीखा दिया
अपने ही मुखौटों से
लड़ना सीखा दिया
अभी भी
कुछ मुखौटे मेरे साथ है
पर देख सकता है सिर्फ़ वही
मेरा साधारण चेहरा
मेरा असली चेहरा
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