स्वाद प्यार का अमृत जैसा.

बारिश की पहली बूँद के जैसा
प्रत्युषा की पहली किरण के जैसा
अनगिनत झिलमिल तारों में
दूज के चाँद की झलक के जैसा.

भूखे की रोटी के जैसा
प्यासे के पानी के जैसा
मरुस्थल की तपती गर्मी मे
झिरमिर गिरते सावन जैसा.

गुदगुदाते अहसासों में
प्रेमिका के आलिंगन के जैसा
गुलाबी लरजकते होंठो पर
चुंबन के पहले पल के जैसा.

माँ की गोद मे बचपन जैसा
लड़कपन की अठखेलियों जैसा
जवानी के अहंकार मे
परिपक्वता के दर्शन के जैसा.

मंदिर में भजनों के जैसा
मस्जिद मे अजानों जैसा
गुरुद्वारों मे शबद के जैसा
गिरिजा के घड़ियालों जैसा

सागर के मंथन से उपजे
स्वाद प्यार का अमृत जैसा.

यह साथ हमेशा बना रहे.

एक साथ
शुरू हुआ था सात फेरों से
और बना
जन्मों जन्मों के लिए

वक़्त की
बेरहम लहरों मे
साथी
ओझल हो गया आँखों से

कमी
ज़िंदगी मे बन गयी
हमेशा
हमेशा के लिए

वक़्त भी
कोई किताब नही है
पलट के
कुछ पन्ने फिर पढ़ सकूँ

यादें
जो कभी धुँधली नही हुई
आज भी
ज़िंदा है उसी ताज़गी के साथ

नही चाहता
उन यादों को भूलना
जीना चाहता
हूँ उन यादों की फिर से

जो ओझल
होकर के भी साथ है
छोटी सी
श्रद्धांजलि उनके जन्मदिन पे आज.

यह साथ हमेशा बना रहे.

Thank you my Friend !!

I don’t need
any special day
to Thank you
my Friend
 
I Thank you
every day
for being with me
for being my friend
 
You gave
a new life to me
you are
World for me
 
you are
Gift from God
you are
Most precious
 
You are
Pure heart
You are
Divine soul
 
Thanks
Is not enough
For what all
You do for me
 
 When I think
What gift I give you
I just go clueless
No gift can match you
 
Thank you .
Thank you ..
Thank  you…
And Thank you ever.