रिश्तों की डोर की मज़बूती
निभाने की ताक़त पे होती है
निभाया ना जाए
तो हवा भी से टूट जाती है
हौसला हो तो
आँधियों मे भी निभ जाती है
बँधता कोई नही
इन रिश्तों की डोर से
सिर्फ़ आपस की दूरियाँ
ही बताती है यह डोर
जितनी मजबूत
उतने पास
जितनी कमजोर
उतनी ही दूर
प्यार से जितना गूँथते है
मजबूत उतना होती है
छोड़ा विश्वास जो
डोरी ख़तम होती है
बँध जाते है अंजाने भी
जन्मो के बंधन मे
डोरियाँ रिश्तों की
इतनी मजबूत होती है.