माँ प्रकृति तेरी गोद में

माँ प्रकृति तेरी गोद  में
जीवन का हर सुख रहता है

तेरे लहलहाते आँचल में
भोजन का हर कण मिलता है
तेरी लहराती नदियों से
प्यास सभी की बुझती है

तेरी हवाओं की अठखेलियों से
जन-जन की साँसे चलती है
धूप-छाँव के खेल मे तेरे
उत्साह और उर्जा मिलती है

घने अंधेरे मे भी चलना
आँचल के तारे सीखाते है
चमक सब और बिखेरना
चंदा मामा बताते है

माँ प्रकृति तेरी गोद  में
जीवन का हर सुख रहता है

1 Comment

Leave a comment