वह दिया
जो रात भर
लड़ता रहा हवाओं से ,
गर्व करता रहा
अंधेरे से अपनी लड़ाई पर
टिमटिमाता रहा
खुद का तेल जलाता रहा
बुझा दिया
फूँक मार कर
सुबह होते ही
फिर अंधेरा होगा
फिर जलाएगा कोई
और फिर वही दिया
लड़ेगा नयी लड़ाई
वह दिया
जो रात भर
लड़ता रहा हवाओं से ,
गर्व करता रहा
अंधेरे से अपनी लड़ाई पर
टिमटिमाता रहा
खुद का तेल जलाता रहा
बुझा दिया
फूँक मार कर
सुबह होते ही
फिर अंधेरा होगा
फिर जलाएगा कोई
और फिर वही दिया
लड़ेगा नयी लड़ाई