वह दिया
जो रात भर
लड़ता रहा हवाओं से ,
गर्व करता रहा
अंधेरे से अपनी लड़ाई पर
टिमटिमाता रहा
खुद का तेल जलाता रहा
बुझा दिया
फूँक मार कर
सुबह होते ही
फिर अंधेरा होगा
फिर जलाएगा कोई
और फिर वही दिया
लड़ेगा नयी लड़ाई
वह दिया
जो रात भर
लड़ता रहा हवाओं से ,
गर्व करता रहा
अंधेरे से अपनी लड़ाई पर
टिमटिमाता रहा
खुद का तेल जलाता रहा
बुझा दिया
फूँक मार कर
सुबह होते ही
फिर अंधेरा होगा
फिर जलाएगा कोई
और फिर वही दिया
लड़ेगा नयी लड़ाई
मंज़िल मिलती नही
रास्ते पर चले बिना
वही पाता है मंज़िल
जिसे रास्ते से भी प्यार है
कभी हम रास्ते को मंज़िल समझ लेते है
और कभी मंज़िल को रास्ता.
रुकते नही कभी वो पल भर
मंज़िलों की जिन्हे दरकार है
दुश्वारियाँ भी मिलती है राहों मे अक्सर
बदले राह पर चाल ना बदले
उस राहगीर की तो
मंज़िल भी तलबगार है
माँ प्रकृति तेरी गोद में
जीवन का हर सुख रहता है
तेरे लहलहाते आँचल में
भोजन का हर कण मिलता है
तेरी लहराती नदियों से
प्यास सभी की बुझती है
तेरी हवाओं की अठखेलियों से
जन-जन की साँसे चलती है
धूप-छाँव के खेल मे तेरे
उत्साह और उर्जा मिलती है
घने अंधेरे मे भी चलना
आँचल के तारे सीखाते है
चमक सब और बिखेरना
चंदा मामा बताते है
माँ प्रकृति तेरी गोद में
जीवन का हर सुख रहता है
शांत मन के आसमान पर
उमड़ती हुई यादें होती है
हर झोंके के साथ बह आती है
यादों की मीठी चुभन
हर पल ज़िंदा महसूस होता है
पर हाथ खाली ही रहता है
बच्चों की तरह मचलते है
फैले हुए हाथ
उन लम्हों को पाने के लिए
मीठी यादों मे डूब जाने के लिए
ठहर जाती है दुनिया
कुछ पलों के लिए
फिर एक झटके से
टूट जाता है सपना
और ज़िंदगी चल पड़ती है
फिर उसी राह पर
Show just started
He started his act
Today his makeup was light
And condition was tight
Makeup fallen off
Smile disappeared
And sadness didn’t hide
Joker’s real feeling appeared
But this is not part of show
Joker must always appear happy
No one want to see
A sad or emotional Joker
Crowed started leaving
Some understood his feelings
But they also didnt had time
To go and appreciate his sad act
He needed some recharge
Some motivation to be happy
A tight hug in heaven arms
An assurance of being there with him
Everybody left
He was crying
He was waiting
No one came yet
Those who can make him happy
Themselves busy in happiness
Show must go on
He is ready to perform again
But he is broken
He will be sad until happy again
He is still waiting
One will appreciate his sad act
A failed but true act
And come back only for him
Till that time he will
perform with sadness
And every sad performance
Is nothing but a Flop Show.
कभी सुबह का
कभी शाम का
कभी उजियारे का
कभी अँधियारे का
कभी हँसी का
कभी खुशी का
कभी बात का
कभी साथ का
कभी उनके आने का
कभी साथ जाने का
कभी पाने का
कभी अपनाने का
कभी प्यार का
कभी इकरार का
इंतज़ार ही इंतज़ार
कभी ना ख़त्म होता
इंतज़ार यह इंतज़ार
मैं पूरी कोशिश कर रहा था
उसका पहचान ढूँढने की
उसका चेहरा ढूँढने की
चेहरा तो उसका था ही नही
इसलये उसकी आँखों को ही देख रहा था
आँखो और हरकतों से ही
उसका चेहरा गढ़ने की कोशिश कर रहा था
चेहरा धीरे धीरे बनने लगा
और फिर पूरा बन भी गया
जब चेहरे को ध्यान से देखा
कुछ जाना पहचाना सा लगा
यह वही चेहरा था
जो मैं रोज देखता हूँ
आईने में
हाँ .. मेरा ही चेहरा
नज़र आया मुझे जोकर मे
अब मैं पा रहा था
खड़ा हुआ अपने आप को सर्कस में
देख रहा था सब तरफ़
कोशिश कर रहा था पढ़ने की
कौन हंस रहा है
मेरी झूठी मुस्कान देख कर
कौन हंस रहा है
मेरी बेवकूफ़ना हरकतों पर
कौन हंस रहा है
मेरे चिढ़ने पर
कौन हँस रहा है
मेरे दर्द पर
मेरा चेहरा मुस्कुरा रहा था
आँखें भर आई थी
मैं नही ढूँढ पाया
कोई चेहरा
जो पढ़ रहा हो मेरी आँखों को
जो सोच रहा हो मेरे बारे मे
जो याद रखेगा मुझे कल भी
जो पहचानेगा मुझे भी
जितना पोंछता रहा आँखो को
उतनी ही धुंधली होती गयी
अब तो पास के चेहरे भी
नही पढ़ पा रहा था मैं.
अब मैं खड़ा हूँ
वहीं पर रिंग मे
कोई तो होगा जो सोचेगा मेरे बारे मे
और हाथ पकड़ के ले जाएगा साथ मे
जोकर के चेहरे की ज़रूरत तो सबको होती है
किसी को भी तो मेरे चेहरे की ज़रूरत होगी
मगर मैं तो यह भी नही जानता
क्या कोई पसंद भी करेगा
मेरे इस छुपे हुए चेहरे को
या जानकर असली चेहरा
मेरे ऊपर फिर कोई मुखौटा लगा देगा
शायद मेरी दुनिया भी यही रिंग है
रिंग को मेरी ज़रूरत हो या ना हो
मेरी पहचान यही रिंग है
और जोकर ही मेरा चेहरा है.
जानते हुए अपनी असलियत को
फिर भी कभी कभी
ज़िद कर बैठता हूँ
आइस्क्रीम खाने की
माँग बैठता हूँ
एक क़तरा
उम्मीद रखता हूँ
कुछ पाने की
कोई हँसता है मेरी इस ग़लती पर
कोई मना कर के चला जाता है
कोई झूठा वादा कर के
पीछा छुड़ा कर चला जाता है
और मैं सच मान कर
बैठा रहता हूँ इंतजार में
जब तक की कोई मुझे
आईना दिखा नही देता
मेरी असलियत याद दिला नही देता
मैं फिर चल देता हूँ
अपनी रिंग मे
फिर वही मुस्कान लिए
पर अब मैं भी नही जानता
की मुस्कान असली है या दर्द
हर सुबह एक नयी मुस्कान ले के आए,
इन गुलाबी होठों पे.
एक नयी चमक जगाए,
इन गहरी आँखो मे.
नयी ताज़गी भरे,
हर अंगड़ाईयों मे
और आत्मविश्वास का सागर भरे,
मन की गहराइयों मे.