Flop show

Show just started
He started his act
Today his makeup was light
And condition was tight

Makeup fallen off
Smile disappeared
And sadness didn’t hide
Joker’s real feeling appeared

But this is not part of show
Joker must always appear happy
No one want to see
A sad or emotional Joker

Crowed started leaving
Some understood his feelings
But they also didnt had time
To go and appreciate his sad act

He needed some recharge
Some motivation to be happy
A tight hug in heaven arms
An assurance of being there with him

Everybody left
He was crying
He was waiting
No one came yet

Those who can make him happy
Themselves busy in happiness

Show must go on
He is ready to perform again
But he is broken
He will be sad until happy again

He is still waiting
One will appreciate his sad act
A failed but true act
And come back only for him

Till that time he will
perform with sadness
And every sad performance
Is nothing but a Flop Show.

इंतज़ार

कभी सुबह का
कभी शाम का

कभी उजियारे का
कभी अँधियारे का

कभी हँसी का
कभी खुशी का

कभी बात का 
कभी साथ का

कभी उनके आने का 
कभी साथ जाने का

कभी पाने का 
कभी अपनाने का

कभी प्यार का
कभी इकरार का

इंतज़ार ही इंतज़ार 

कभी ना ख़त्म होता
इंतज़ार यह इंतज़ार

जोकर

एक छोटा बच्चा
जोकर बना हुआ
सर्कस की रिंग मे
हंसा रहा था सबको
 
चेहरा उसका याद नही
गालों पे लाल गोले
रंगीले बालों का विग
नाक पे लाल गोला
और झूठी मुस्कान से
पुता हुआ चेहरा
 
कभी उछलता
कभी कूदता
गुलाटी मारता
झूटे डंडे ख़ाता हुआ
 
मुख्य कलाकार को सहायता करता
हाथी के साथ क्रिकेट खेलता
घोड़े पे उल्टा लटक कर
कुत्ते के पीछे भाग कर
कर रहा था सभी का मनोरंजन
 
उसकी झूठी हँसी से
मैं खुदको असहज पा रहा था
कर रहा था कोशिश
वो सच मे हंस रहा है
या दर्द छिपा रहा है.
 
थोड़ी देर बाद
वो आ कर बैठ गया
रिंग के किनारे पे
और अब मैं कुछ पढ़ पा रहा था
उसकी आँखों को
क्यों की वो ही थीं जो छुपी नही ती
बाकी सब तो छुपा हुआ था
आखों मे कुछ खुशी तो थी
सबका मनोरजन करने की
पर फिर भी आँखे खुश नहीँ थी
 
वो जानता था
तालियाँ बजाने वाले,
खुश होने वाले
उसके पिटने पर हँसने वाले
उसे जानते भी नही की वो कौन है
 
शो ख़तम होगा
चले जाएँगे सब लोग
अगर कुछ याद रहेगा भी तो
वो झूठी मुस्कान और पागलपन
जोकर और कुछ भी तो नही उसके अलावा
 
एक आइस्क्रीम वाला
घूम रहा था आस पास
जोकर के सामने बैठे परिवार ने
सबके लिए आइस्क्रीम खरीदी
और खाने लगे सर्कस देखते हुए
 
अब जोकर की आँखें
कुछ बदली नज़र आने लगी
चेहरा तो अभी भी मुस्कुरा रहा था
पर आँखे कुछ तरस रही थी
 
मेरा पूरा ध्यान अब जोकर पर ही था
उसकी आँखे और दिल
आइस्क्रीम की लालसा रखते थे
उसके लिए आइस्क्रीम एक बड़ी चीज़ थी
वो शायद इतनी आसानी से नही पा सकता था
 
शायद वो सोच रहा था
मेरे लिए तालियाँ बजाने वाले
खुश हो के हँसने वाले
मुझे भी आइस्क्रीम दे दें
 
पर ऐसा होता नही है
जोकर के बारे मे कोई सोचता नही है
वो देखता रहा
उनको बड़ी देर तक
पर किसी ने उसको पूछा नही
 
एक बच्च्चे ने
आइस्क्रीम जोकर को दिखाई
जोकर को चिढ़ा दिया
और खुद खा गया
 
जोकर का चेहरा
अभी भी मुस्कुरा रहा था
जोकर की आँखें
मुरझा रही थी
पर सब लोग
इस पर भी हंस ही रहे थे
खुश हो रहे थेजोकर निराश और उदास था
फिर भी सबको हंसा ही रहा था
हाँ
यही तो जोकर का काम हैवो सोचता भी होगा
अपने खुद के बारे मे
पर उसको बोलने का अधिकार नही है
बोलेगा भी
तो सुनेगा कौन
सुनेगा भी
तो समझेगा कौन
समझेगा भी
तो याद रखेगा कौन
याद रहा भी
तो जोकर को खुश करेगा कौनशो ख़त्म होगा
हम भी चले जाएँगे
सर्कस का नाम याद रखेंगे
जोकर के करतब याद रखेंगे
पर जोकर को भूल जाएँगेमैं भूलना नही चाहता था
उस जोकर को
जो खुद तो तरस रहा था
फिर भी सबको हंसा रहा था

मैं पूरी कोशिश कर रहा था
उसका पहचान ढूँढने की
उसका चेहरा ढूँढने की

चेहरा तो उसका था ही नही
इसलये उसकी आँखों को ही देख रहा था
आँखो और हरकतों से ही
उसका चेहरा गढ़ने की कोशिश कर रहा था

चेहरा धीरे धीरे बनने लगा
और फिर पूरा बन भी गया
जब चेहरे को ध्यान से देखा
कुछ जाना पहचाना सा लगा

यह वही चेहरा था
जो मैं रोज देखता हूँ
आईने में
हाँ .. मेरा ही चेहरा
नज़र आया मुझे जोकर मे

अब मैं पा रहा था
खड़ा हुआ अपने आप को सर्कस में
देख रहा था सब तरफ़
कोशिश कर रहा था पढ़ने की

कौन हंस रहा है
मेरी झूठी मुस्कान देख कर
कौन हंस रहा है
मेरी बेवकूफ़ना हरकतों पर
कौन हंस रहा है
मेरे चिढ़ने पर
कौन हँस रहा है
मेरे दर्द पर

मेरा चेहरा मुस्कुरा रहा था
आँखें भर आई थी
मैं नही ढूँढ पाया
कोई चेहरा
जो पढ़ रहा हो मेरी आँखों को
जो सोच रहा हो मेरे बारे मे
जो याद रखेगा मुझे कल भी
जो पहचानेगा मुझे भी

जितना पोंछता रहा आँखो को
उतनी ही धुंधली होती गयी
अब तो पास के चेहरे भी
नही पढ़ पा रहा था मैं.

अब मैं खड़ा हूँ
वहीं पर रिंग मे
कोई तो होगा जो सोचेगा मेरे बारे मे
और हाथ पकड़ के ले जाएगा साथ मे

जोकर के चेहरे की ज़रूरत तो सबको होती है
किसी को भी तो मेरे चेहरे की ज़रूरत होगी

मगर मैं तो यह भी नही जानता
क्या कोई पसंद भी करेगा
मेरे इस छुपे हुए चेहरे को
या जानकर असली चेहरा
मेरे ऊपर फिर कोई मुखौटा लगा देगा

शायद मेरी दुनिया भी यही रिंग है
रिंग को मेरी ज़रूरत हो या ना हो
मेरी पहचान यही रिंग है
और जोकर ही मेरा चेहरा है.

जानते हुए अपनी असलियत को
फिर भी कभी कभी
ज़िद कर बैठता हूँ
आइस्क्रीम खाने की
माँग बैठता हूँ
एक क़तरा
उम्मीद रखता हूँ
कुछ पाने की
कोई हँसता है मेरी इस ग़लती पर
कोई मना कर के चला जाता है
कोई झूठा वादा कर के
पीछा छुड़ा कर चला जाता है
और मैं सच मान कर
बैठा रहता हूँ इंतजार में
जब तक की कोई मुझे
आईना दिखा नही देता
मेरी असलियत याद दिला नही देता

मैं फिर चल देता हूँ
अपनी रिंग मे
फिर वही मुस्कान लिए
पर अब मैं भी नही जानता
की मुस्कान असली है या दर्द

विदाई

सोचा था एक मीठी सी कविता
भेंट करूँ इस विदाई में .
मेरी आखिरी कविता मीठी होसपनो की एक वीथी हो,
ना लम्बी हो ना छोटी हो ,कुछ ख्वाहिशों की पोथी हो.
 
पर अब मैं जब लिखने बैठा हूँ विचार ठहर नहीं पाते है ,
टूटे दिल की ही तरह से, पल-पल में टूटते जाते है..
 
उदास मन के झरोखे में ठंडी सी हवा कुछ आती है ,
तड़पते अरमानों कोको कुछ और तड़पा जाती है .
 
उसे वेदना कैसे कहूं जो मुझको बहूत ही प्यारा है,
पर मीठा भी कैसे लिखूं जब दिल ही खारा खारा है .
 
प्रेरणा जो मन में थीउम्मीदों के साथ ही चली गयी ,
अब और कविता लिखने की इच्छा भी कहीं बची नहीं.
 
कुछा पगला सा नालायक सा पहचान मेरी ये याद रहे,
आपके दीवानों की दुनिया में मेरा नाम कही आबाद रहे.
 
कभी जिंदगी में फिर याद करो आशा यही करता हूँ,
आखिर कुछ पंक्तियाँ है भेंट यही बस करता हूँ.

No You , No We , No I

You appeared,
You arrived.
You stayed,
You owned.
You changed,
You turned.
You lived.
You loved.
 
I survived,
I revived.
I refreshed,
I blessed.
 
We together,
We forever.
We remained,
We relished.
 
No You , No We , No I.

हर सुबह

हर सुबह एक नयी मुस्कान ले के आए,
इन गुलाबी होठों पे.
एक नयी चमक जगाए,
इन गहरी आँखो मे.
नयी ताज़गी भरे,
हर अंगड़ाईयों मे
और आत्मविश्वास का सागर भरे,
मन की गहराइयों मे.

image

मेहमान

अब अपने ही घर मे हम
मेहमान बन के आते है

गलियों मे जहाँ हमने
गुज़ारा था अपना बचपन
उन्ही मे गुज़रते हुए
यादों मे खो जाते है

करते हुए विदा अपनो को
होठों से मुस्कुराते हुए
गीली आँखों के किनारे
साथ लिए जाते है.

अब अपने ही घर मे हम
मेहमान बन के आते है
जाते जाते घर भी
बिखरा छोड़ जाते है.

Relationship and Depth

Long back, I heard a story about a  farmer.

“There was a farmer with big farm in a village. Having no other means of irrigation, his farming was solely dependent on rain.  He was able to take crops only during rainy season then no crops rest of the year.  He wanted to have water in the farm throughout the year, so he can get more crop and earn his lively hood.

Once a wise man advised the farmer to dig a well in then farm. Taking more details from wise man, farmer get to know that water would be available after digging 100 feet.   Excited farmer started digging at one place.  After digging 10 feet digging become difficult, So he started digging at another place.  And again after digging 10 feet, he started digging at new place.  After digging at 10 places, he calculated that total digging is 100 feet so now he should get the water.  But none of the digs had water. “

 

This story may sound funny to most of us. But in reality, sometimes we also acts like this farmer.  Especially when it comes to the relationship, we mostly act like farmer.

Relationship is also like a well, more is the Depth more water will be there.   We seek for love and support in relationship. Deeper is relationship, more is love and support.  We keep creating more and more shallow relationship and we don’t get the love what we are looking for.  The best way is to keep limited relationship, but deep enough to get desired love and support.

Sometimes, even when we understand that these shallow wells are not going to give desired love, we keep carrying them with us for short term fun, joy and happiness.  Every relationship needs time and dedication.  When we keep creating more number of shallow relationships, we reduce chances of finding love and support.

Its Best  to stop focusing on more shallow wells and create/enjoy deep wells of relationship

 

कितनी नाज़ुक, कितनी मजबूत

रिश्तों की डोर की मज़बूती
निभाने की ताक़त पे होती है
निभाया ना जाए
तो हवा भी से टूट जाती है
हौसला हो तो
आँधियों मे भी निभ जाती है

बँधता कोई नही
इन रिश्तों की डोर से
सिर्फ़ आपस की दूरियाँ
ही बताती है यह डोर
जितनी मजबूत
उतने पास
जितनी कमजोर
उतनी ही दूर

प्यार से जितना गूँथते है
मजबूत उतना होती है
छोड़ा विश्वास जो
डोरी ख़तम होती है
बँध जाते है अंजाने भी
जन्मो के बंधन मे
डोरियाँ रिश्तों की
इतनी मजबूत होती है.

सदा रहेगा साथ हमारा

कभी ढूंढता हूँ
टिमटिमाते तारों मे तुम्हे
कभी महसूस करता हूँ
मेरे साथ ही तुम्हें

किसी और जहाँ मे चले गये
साथ हमारा छोड़ गये
दिल मे तो बसे हो हमेशा
पर आँखों से ओझल हो गये

वादा जो साथ का था
मैं अब भी निभा रहा हूँ
हाथ मे हाथ ना ही सही
साथ चले जा रहा हूँ

तुम रहो कहीं भी
कोई भी हो रूप तुम्हारा
पूरा यकीन है मुझे
सदा रहेगा साथ हमारा