कितना मुश्किल होता है किसी को समझना,
जब कोई बोलता ही नही है,
छुपा लेता है, अपनी भावनाओं को,
दबा लेता है, अपने अहसासों को.
कितना मुश्किल होता है किसी को समझना,
जो सुनता तो सब कुछ है,
पर अनसुना कर देता है सवालों को,
या टाल देता है उनके उलझे जवाबों को.
कितना मुश्किल होता है किसी को समझना,
जो समझता तो है अहसासों को,
सवारता भी है उनको शिद्दत से,
पर उनको जीने से डरता भी है.
कितना मुश्किल होता है किसी को समझना,
जो चाहता है साथ रहना,
पर बुलाता नही पास अपने,
और दूरियों को बनाए रखता है.
कितना मुश्किल होता है किसी को समझना.
Awesome ! That is just so amazing……the flow of words. Too good !
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